Biotechnology
एचबीटीयू कानपुर के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज द्वारा 27–28 फरवरी 2026 को “Advances in Pharmaceutical & Biological Sciences (NCAPBS-2026)” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लेकर आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी और एआई आधारित तकनीकों पर चर्चा की।
कानपुर स्थित Harcourt Butler Technical University (एचबीटीयू) के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज द्वारा 27–28 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “Advances in Pharmaceutical & Biological Sciences (NCAPBS-2026)” का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य फार्मास्युटिकल और जैविक विज्ञान के क्षेत्र में उभरती तकनीकों, नवाचारों और शोध गतिविधियों को एक साझा मंच प्रदान करना था।
इस सम्मेलन का विषय “AI-Enabled Pharmaceutical and Biological Processes: Transforming Pharmaceutical and Biological Sciences through Intelligent Innovations” रखा गया था, जिसके माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक डिजिटल तकनीकें चिकित्सा एवं जैविक अनुसंधान की दिशा को बदल रही हैं।
सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Samsher द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा और औषधि विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
“चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचार और अनुसंधान की गुणवत्ता पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। शोध और नवाचार से ही औषधि विज्ञान की दिशा बदलेगी।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता Prof. Lalit Kumar Singh ने की, जबकि सम्मेलन के संयोजक Dr. Neeraj Mishra रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार Amit Rathore सहित अनेक प्रख्यात शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र के दौरान सम्मेलन की Abstract Book का भी विमोचन किया गया।
दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन में आमंत्रित वक्ताओं में
Dr. Manish Chaurasia
Prof. Vivek Verma
Dr. Nisha Sharma
Dr. Shilpa Deshpande Kaistha
जैसे विशेषज्ञों ने औषधि विकास, बायोटेक्नोलॉजी, न्यूट्रास्यूटिकल्स, माइक्रोबायोम रिसर्च और एआई आधारित चिकित्सा अनुसंधान जैसे विषयों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य में Artificial Intelligence, Bioinformatics, Microbiome Research और Personalized Medicine जैसे क्षेत्र चिकित्सा और फार्मास्युटिकल अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेंगे।
सम्मेलन के दौरान देशभर से आए शोधार्थियों और छात्रों ने ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में फार्मास्युटिकल विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, न्यूट्रास्यूटिकल्स और एआई आधारित चिकित्सा अनुसंधान से संबंधित नवीन शोध विषयों पर चर्चा की गई।
इन सत्रों ने युवा वैज्ञानिकों और छात्रों को अपने शोध कार्य को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
इस सम्मेलन के आयोजन और संचालन में Association of Biotechnologists – HBTU के छात्र सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस छात्र संगठन ने पंजीकरण प्रक्रिया, तकनीकी सत्रों के समन्वय, प्रतिभागियों के मार्गदर्शन और कार्यक्रम प्रबंधन में सक्रिय सहयोग दिया।
इस पहल ने छात्रों को वैज्ञानिक आयोजनों के प्रबंधन और अकादमिक वातावरण को समझने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
सम्मेलन का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें सर्वश्रेष्ठ मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने प्रतिभागियों, वक्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
यह सम्मेलन शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और छात्रों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इस आयोजन ने फार्मास्युटिकल और जैविक विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।